भारत के टॉप अमीर 2025
भारत के टॉप अमीर 2025: संपत्ति में गिरावट और वृद्धि की पूरी रिपोर्ट
नई दिल्ली / मक्कमपूर, गुजरात, 10 अक्टूबर 2025 – बिज़नेस स्टैंडर्ड और द इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टॉप-100 अमीरों की कुल संपत्ति में इस साल लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
टॉप-10 में केवल सुनील मित्तल की संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है, जबकि मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और शिव नाडर जैसी दिग्गज कंपनियों के मालिकों की दौलत में गिरावट देखी गई है।
भारत के टॉप-10 अमीर और उनकी संपत्ति
| रैंक | नाम | कंपनी | संपत्ति (लाख करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
| 1 | मुकेश अंबानी | रिलायंस इंडस्ट्रीज़ | 9.32 |
| 2 | गौतम अडानी | अडानी ग्रुप | 8.17 |
| 3 | शिव नाडर | एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ | 3.57 |
| 4 | सुनील मित्तल | भारती एंटरप्राइजेज | 3.04 |
| 5 | सायरस पूनावाला | सीरम इंस्टिट्यूट | 2.95 |
| 6 | राधाकृष्ण दमानी | डी-मार्ट | 2.50 |
| 7 | श्री सीमेंट | श्री सीमेंट | 2.33 |
| 8 | लक्ष्मी मित्तल | आर्सेलर मित्तल | 1.93 |
| 9 | सावित्री जिंदल | जिंदल स्टील एंड पावर | 1.90 |
| 10 | कुमार मंगलम | आदित्य बिड़ला ग्रुप | 1.84 |
(रकम अनुमानित, 10 अक्टूबर 2025 तक की स्थिति)
संपत्ति में गिरावट की मुख्य वजहें
- ट्रम्प की नीतियां: अमेरिकी आर्थिक नीतियों और व्यापारिक चुनौतियों का असर भारतीय अमीरों की संपत्ति पर पड़ा।
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से संपत्ति घट गई।
- सेंसेक्स में गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में 3% की गिरावट से अमीरों की दौलत पर असर पड़ा।
- वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव: रूस-यूरोप व्यापार विवाद और वैश्विक मार्केट की अस्थिरता ने संपत्ति को प्रभावित किया।
नए उभरते अमीर और संपत्ति में वृद्धि
- नवीन चंद्र दास की कंपनी वीवा विशाल इस साल टॉप-100 में शामिल हुई।
- आदित्य इंडस्ट्रीज़ और उनकी कंपनियों की कुल संपत्ति में 37,239 करोड़ रुपये का इज़ाफ़ा हुआ।
- सुनील मित्तल की संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है, जिससे वे टॉप-5 में बने हुए हैं।
- सीरम इंस्टिट्यूट के सायरस पूनावाला ने अपनी दौलत में 2.95% का इज़ाफ़ा किया।
| नं. | नाम | बढ़ोतरी (%) |
|---|---|---|
| 1 | अरुंधति राय | 3.2% |
| 2 | धीरज शाह | 3-4% |
| 3 | रामकृष्णन | 3% |
| 4 | के सोनोवाला | 4-5% |
निष्कर्ष
इस साल, भारत के टॉप-100 अमीरों की कुल संपत्ति में गिरावट आई है।
रुपये में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, कुछ निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में वृद्धि करके फायदा कमाया।
यह रिपोर्ट दर्शाती है कि स्टॉक मार्केट और वैश्विक नीतियों का असर अमीरों की संपत्ति पर प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है, जबकि आम आदमी पर इसका प्रभाव कम रहा।
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