🧿 VIP Security in India: कौन पाता है Z+, Y या SPG सुरक्षा और कौन उठाता है खर्चा?
🇮🇳 भारत में VIP Security System क्या है?
अक्सर आपने सुना होगा कि किसी बड़े नेता, बिजनेसमैन या सुपरस्टार को Z+, Z या Y कैटेगरी की सिक्योरिटी मिली है। उनके साथ हमेशा कई गाड़ियां और कमांडो तैनात रहते हैं।
हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
लेकिन क्या हर नागरिक जिसे जान का खतरा हो, उसे ऐसी सुरक्षा मिल सकती है?
जवाब है – नहीं।
🔍 VIP Security कैसे तय होती है?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुरक्षा केवल उन्हीं लोगों को दी जाती है जो
- सरकार,
- न्यायपालिका,
- राजनीति,
- उद्योग
या समाज में महत्वपूर्ण या प्रभावशाली पद पर होते हैं।
हर शिकायत या खतरे की आशंका पर सुरक्षा नहीं दी जाती।
आम मामलों में व्यक्ति की सुरक्षा राज्य पुलिस संभालती है, जबकि केंद्रीय सुरक्षा तभी दी जाती है जब मामला बहुत गंभीर हो।
🧠 कौन तय करता है सुरक्षा की कैटेगरी?
सुरक्षा देने का निर्णय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) करता है।
इससे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ (RAW) जैसी एजेंसियां व्यक्ति की थ्रेट रिपोर्ट बनाती हैं।
इसके आधार पर तय किया जाता है कि किसे किस कैटेगरी की सुरक्षा दी जानी चाहिए।
🛡️ भारत में सुरक्षा की 6 प्रमुख कैटेगरीज
| कैटेगरी | सुरक्षाकर्मी संख्या | कमांडो | सुरक्षा देने वाली एजेंसी |
|---|---|---|---|
| SPG (Special Protection Group) | विशेष टीम | हाँ | केवल प्रधानमंत्री और परिवार |
| Z+ कैटेगरी | 36 | 10+ NSG कमांडो | NSG, CRPF, Delhi Police |
| Z कैटेगरी | 22 | 4-5 NSG कमांडो | NSG, CRPF, State Police |
| Y+ कैटेगरी | 11 | 1-2 कमांडो | CRPF/State Police |
| Y कैटेगरी | 11 | कोई नहीं | राज्य पुलिस |
| X कैटेगरी | 2 | कोई नहीं | स्थानीय पुलिस |
💰 VIP Security का खर्च कौन उठाता है?
अगर किसी व्यक्ति को खुफिया रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा दी गई है, तो खर्चा सरकार उठाती है।
लेकिन अगर कोई व्यक्ति स्वयं सुरक्षा चाहता है या अतिरिक्त सुरक्षा लेता है, तो उसे इसका खर्च खुद भरना पड़ता है।
उदाहरण के लिए:
- मुकेश अंबानी अपनी Z कैटेगरी की CRPF सुरक्षा का खर्च खुद देते हैं।
- शाहरुख खान की Y+ सिक्योरिटी का खर्च महाराष्ट्र सरकार नहीं, बल्कि खुद शाहरुख खान उठाते हैं।
👑 कौन-कौन से फेमस लोगों को कौन सी सिक्योरिटी मिली है?
| व्यक्ति | पद/पहचान | सिक्योरिटी कैटेगरी | एजेंसी |
|---|---|---|---|
| नरेंद्र मोदी | प्रधानमंत्री | SPG | SPG |
| अमित शाह | गृह मंत्री | Z+ | CRPF |
| योगी आदित्यनाथ | मुख्यमंत्री, UP | Z+ | NSG |
| मुकेश अंबानी | उद्योगपति | Z | CRPF |
| शाहरुख खान | अभिनेता | Y+ | Maharashtra Police |
| अमिताभ बच्चन | अभिनेता | X | Mumbai Police |
| सलमान खान | अभिनेता | Y+ | Maharashtra Police |
| आमिर खान | अभिनेता | Z | CRPF |
| आजम खान | नेता | Y | State Police |
📜 VIP Security से जुड़ी कुछ खास बातें
- SPG सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लिए होती है।
- Z+ कैटेगरी सबसे हाई-लेवल की VIP सुरक्षा है।
- सुरक्षा देने या हटाने का निर्णय गृह मंत्रालय करता है।
- कई बार सुरक्षा राजनीतिक और सार्वजनिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
❓ FAQ: VIP Security in India
Q1. भारत में सबसे ऊंची सुरक्षा कैटेगरी कौन सी है?
👉 सबसे ऊंची कैटेगरी SPG (Special Protection Group) है, जो केवल प्रधानमंत्री को दी जाती है।
Q2. क्या आम नागरिक को भी यह सुरक्षा मिल सकती है?
👉 नहीं, केवल उन्हीं लोगों को दी जाती है जिनके पास महत्वपूर्ण सार्वजनिक पद या सुरक्षा खतरे की प्रमाणित रिपोर्ट होती है।
Q3. VIP Security का खर्च कौन उठाता है?
👉 अगर सुरक्षा खतरे के आधार पर दी गई है तो सरकार।
अन्यथा व्यक्ति स्वयं इसका खर्च उठाता है।
Q4. क्या सुरक्षा स्थायी होती है?
👉 नहीं, इसे समय-समय पर थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर घटाया या हटाया जा सकता है।
📢 निष्कर्ष
भारत में VIP Security केवल दिखावे की नहीं बल्कि एक संवेदनशील और खुफिया प्रक्रिया है।
हर सुरक्षा कैटेगरी की अपनी जिम्मेदारी, टीम और नियम तय हैं।
आप इस पर क्या सोचते हैं? क्या आम नागरिक को भी खतरे की स्थिति में सरकारी सुरक्षा मिलनी चाहिए?
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
