🛑 cooking oil ke nuksan,बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल बन सकता है कैंसर की वजह! जानिए डॉक्टर की चेतावनी और सेहतमंद विकल्प
🍳 तेल को दोबारा गर्म करना कितना खतरनाक है?
हम में से ज़्यादातर लोग किचन में खाना बनाने के बाद बचे हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल कर लेते हैं। यह सोचकर कि तेल बर्बाद न हो, हम उसी तेल में पराठे, पकौड़े या सब्ज़ी तल लेते हैं। लेकिन यही आदत कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को न्योता देती है।
जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो उसमें फ्री रेडिकल्स (Free Radicals) नामक हानिकारक तत्व बनने लगते हैं। ये तत्व शरीर की कोशिकाओं (Cells) को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर, हृदय रोग व पाचन संबंधी दिक्कतों का कारण बन सकते हैं।
🧪 तेल में बनने वाले जहरीले रसायन
डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार, तेल को बार-बार गर्म करने पर उसमें एल्डिहाइड (Aldehyde) और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAH) जैसे जहरीले रसायन बनते हैं।
ये वही तत्व हैं जो पेट्रोलियम उत्पादों जैसे केरोसिन में पाए जाते हैं।
- ये पदार्थ शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं।
- लिवर, फेफड़ों और हृदय पर बुरा असर डालते हैं।
- लंबे समय में कैंसर का खतरा दोगुना कर देते हैं।
🍟 स्ट्रीट फूड में सबसे ज्यादा खतरा
डॉक्टर तरंग कृष्णा ने बताया कि भारत में कई स्ट्रीट फूड विक्रेता (Street Food Vendors) एक ही तेल को 4–5 बार तक दोबारा इस्तेमाल करते हैं।
उनके द्वारा प्रयोग किए गए तेल के नमूनों में जहरीले तत्व WHO के मानकों से दो गुना अधिक पाए गए हैं।
इसका मतलब है कि जो तली हुई चीजें हम बाहर खाते हैं — जैसे समोसे, पकौड़े या छोले-भटूरे — उनमें मौजूद तेल पहले से ही शरीर के लिए खतरनाक हो चुका होता है।
⚠️ क्यों न करें पुराना तेल इस्तेमाल
- बार-बार गर्म होने से तेल का रंग गहरा और स्वाद कड़वा हो जाता है।
- तेल की खुशबू बदल जाती है और उसमें झाग बनने लगते हैं।
- ऐसा तेल पाचन तंत्र को कमजोर करता है।
- इससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर भी असर पड़ता है।
यदि तेल में धुआं उठने लगे या चिपचिपाहट बढ़ जाए, तो समझ लें कि वह अब उपयोग के लायक नहीं है।
🩺 डॉक्टर की सलाह: क्या करें और क्या न करें
✔️ करें:
- हर बार ताज़ा तेल का इस्तेमाल करें।
- तले हुए खाने की जगह बेक या स्टीम विकल्प चुनें।
- खाना बनाने में देसी घी का उपयोग करें, जो प्राकृतिक रूप से हेल्दी है।
- तेल को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
- ❌ न करें:
- पुराने तेल को छानकर दोबारा गर्म न करें।
- तेल को गैस पर लंबे समय तक न छोड़ें।
- एक बार इस्तेमाल हुए तेल में नया तेल मिलाकर इस्तेमाल न करें।
🫒 स्वस्थ तेलों का चयन करें
अगर आप अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं, तो निम्न तेलों का उपयोग करें:
- सरसों का तेल (Mustard Oil):
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और हृदय के लिए फायदेमंद। - मूंगफली का तेल (Groundnut Oil):
ओमेगा फैटी एसिड्स से युक्त, हाई टेम्परेचर पर भी सुरक्षित। - एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (Extra Virgin Olive Oil):
सलाद या हल्के ड्रेसिंग के लिए उपयोग करें, तलने के लिए नहीं। - देसी घी:
आयुर्वेदिक रूप से सबसे हेल्दी विकल्प, जो शरीर को पोषण देता है।
💡 तले हुए खाने की जगह हेल्दी विकल्प चुनें
- पकौड़ों की जगह बेक्ड स्नैक्स लें।
- फ्रेंच फ्राइज की जगह उबले आलू या स्वीट पोटैटो चिप्स।
- रोज़ाना की डाइट में स्टीम्ड सब्ज़ियाँ और दलिया शामिल करें।
ऐसे छोटे बदलाव आपकी सेहत को कई बीमारियों से बचा सकते हैं।
❤️ निष्कर्ष (Conclusion)
तेल हमारे भोजन का अहम हिस्सा है, लेकिन बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल ज़हर के समान बन जाता है।
डॉक्टरों का मानना है कि यह आदत हमारे शरीर में धीरे-धीरे कैंसर, लिवर और हृदय रोगों को जन्म देती है।
इसलिए अगली बार जब भी खाना बनाएं, याद रखें —
👉 तेल की बचत से ज़्यादा ज़रूरी है आपकी सेहत की सुरक्षा।
