अफरीदी और गिलेस्पी ने ICC पर लगाए भेदभाव के आरोप
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश को बाहर किए जाने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पर दोहरे मापदंड और भेदभाव अपनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बांग्लादेश ने भारत में खेलने से क्यों किया इनकार?
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च 2026 के बीच भारत में होना था। तय कार्यक्रम के अनुसार बांग्लादेश को अपने ग्रुप मैच भारत में खेलने थे।
लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अचानक अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया। बोर्ड का कहना था कि मौजूदा हालात में भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। इसी कारण बांग्लादेश ने मांग रखी कि उसके मुकाबले किसी तीसरे देश, विशेष रूप से श्रीलंका, में आयोजित किए जाएं।
ICC ने मांग क्यों ठुकराई?
आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस मांग को स्वीकार नहीं किया। आईसीसी का तर्क था कि टूर्नामेंट की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। वेन्यू, टिकट बिक्री, ब्रॉडकास्टिंग और सुरक्षा व्यवस्थाएं अंतिम चरण में थीं।
आईसीसी के अनुसार, इतने कम समय में मैचों का स्थान बदलना न केवल तकनीकी रूप से मुश्किल था, बल्कि इससे अतिरिक्त खर्च और अव्यवस्था भी पैदा होती। इसी कारण बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर करने का फैसला लिया गया।
स्कॉटलैंड को मिली जगह
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद आईसीसी ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया। स्कॉटलैंड अब ग्रुप-C में खेलेगा, जहां पहले बांग्लादेश की टीम को रखा गया था। यह फैसला उभरती हुई टीमों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
गिलेस्पी ने भारत का उदाहरण देकर उठाए सवाल
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज और पाकिस्तान टीम के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्या आईसीसी ने कभी यह स्पष्ट किया कि बांग्लादेश अपने मैच भारत के बाहर क्यों नहीं खेल सकता।
गिलेस्पी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था और तब आईसीसी ने भारत को दूसरे देश में खेलने की अनुमति दी थी।
शाहिद अफरीदी ने लगाए दोहरे मापदंडों के आरोप
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भी आईसीसी के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में इस फैसले से बेहद निराश हैं।
अफरीदी के अनुसार, आईसीसी ने 2025 में भारत के पाकिस्तान न आने के फैसले को स्वीकार किया, लेकिन बांग्लादेश के मामले में वही रवैया नहीं अपनाया गया। उन्होंने इसे आईसीसी का दोहरा मापदंड बताया।
क्या एक अहम बात को नजरअंदाज किया गया?
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ऐलान के समय ही साफ कर दिया था कि वह अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेगा। इससे आईसीसी के पास वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय था।
इसके विपरीत, बांग्लादेश ने टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ ही समय पहले अपने मैच शिफ्ट करने की मांग रखी, जब सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। आईसीसी का कहना है कि यही दोनों मामलों में सबसे बड़ा अंतर है।
ICC की निष्पक्षता पर सवाल
बांग्लादेश के बाहर होने से एक बार फिर आईसीसी की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट पहले भी कई बार राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति का शिकार रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीसी को भविष्य में ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट और समान नियम बनाने चाहिए ताकि किसी भी देश के साथ भेदभाव का आरोप न लगे।
निष्कर्ष
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश का बाहर होना सिर्फ एक टीम का नुकसान नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है। अफरीदी और गिलेस्पी की आलोचना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
अब सभी की नजरें आईसीसी पर टिकी हैं कि वह इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और भविष्य में ऐसे हालात से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
